उत्तराखंड

पहाड़ से गिरी चट्टानें और मलबा बद्रीनाथ हाईवे पर थमे वाहन

Ratna Netam
27 Sept 2026 2:21 PM IST
पहाड़ से गिरी चट्टानें और मलबा बद्रीनाथ हाईवे पर थमे वाहन
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उत्तराखंड। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ों से चट्टानें और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। रविवार सुबह बद्रीनाथ-ऋषिकेश नेशनल हाईवे पर पहाड़ी से भारी मात्रा में चट्टानें और मलबा गिर गया, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। सड़क बंद होने के कारण बद्रीनाथ और केदारनाथ की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह करीब 8 बजे हाईवे पर अचानक पहाड़ी से चट्टानें और बड़ी मात्रा में मलबा नीचे आ गया। देखते ही देखते सड़क का हिस्सा मलबे से भर गया और वाहनों के आगे बढ़ने का रास्ता बंद हो गया। हाईवे बंद होने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रभावित मार्ग पर कई ऐसे वाहन भी फंस गए, जिनमें तीर्थयात्री सवार थे। बद्रीनाथ और केदारनाथ की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को मार्ग बंद होने के कारण लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।बद्रीनाथ-ऋषिकेश नेशनल हाईवे उत्तराखंड के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं। ऐसे में चट्टानें और मलबा गिरने के कारण हाईवे बंद होने से यात्रा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। मार्ग पर फंसे यात्रियों को सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है।
पिछले दो दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी और चट्टानों के कमजोर होने से अचानक मलबा सड़क पर आने का जोखिम बढ़ जाता है। इसी वजह से प्रशासन और पुलिस यात्रियों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।पौड़ी गढ़वाल की श्रीनगर पुलिस ने भी यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है। विशेष रूप से उन हिस्सों पर नजर रखी जा रही है, जहां बारिश के दौरान भूस्खलन या चट्टानें गिरने का खतरा अधिक रहता है। पुलिस अधिकारी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने और जोखिम वाले मार्गों पर जल्दबाजी में आगे नहीं बढ़ने की सलाह दे रहे हैं।
सिरोबागड़ क्षेत्र में मार्ग प्रभावित होने के कारण यात्रियों से कहा गया है कि वे सड़क साफ होने तक आगे की यात्रा शुरू न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए और रास्ता सुरक्षित घोषित होने के बाद ही आगे बढ़ा जाए।बारिश के बीच पहाड़ी रास्तों पर सफर करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई जगह सड़क के किनारे पहाड़ होने के कारण ऊपर से पत्थर और मलबा गिरने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में यात्रियों को अनावश्यक रूप से प्रभावित मार्गों के पास रुकने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।
हाईवे पर रास्ता बंद होने से वाहनों की कतार बढ़ती चली गई। बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के अलावा स्थानीय यात्रियों के वाहन भी सड़क के दोनों तरफ फंस गए। रास्ता बंद होने के कारण यात्रा के निर्धारित समय में भी बदलाव की स्थिति बनी है।प्रशासन की ओर से यात्रियों से मौसम और मार्ग की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा करने की अपील की गई है। खासतौर पर भारी बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर अचानक स्थिति बदल सकती है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी बताया गया है।
श्रीनगर पुलिस जोखिम वाले रास्तों पर लगातार निगरानी रख रही है। यात्रियों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह का जोखिम न लें। सिरोबागड़ वाले हिस्से में सड़क से चट्टानों और मलबे को पूरी तरह हटाए जाने और आवाजाही सुरक्षित होने तक इंतजार करने की सलाह दी गई है।लगातार बारिश ने उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क मार्ग प्रभावित होने से स्थानीय लोगों के साथ तीर्थयात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बद्रीनाथ-ऋषिकेश हाईवे पर चट्टानें गिरने की घटना के बाद प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मार्ग पर सुरक्षित आवाजाही बहाल करना है।
पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। मौसम खराब रहने की स्थिति में सुरक्षित जगह पर रुकना बेहतर है। रास्ता साफ होने से पहले प्रभावित हिस्से की तरफ बढ़ना खतरनाक हो सकता है।फिलहाल बद्रीनाथ और केदारनाथ की ओर जाने वाले यात्रियों को मार्ग की स्थिति पर नजर रखने और सुरक्षित स्थानों पर इंतजार करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के बीच प्रशासन और पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है तथा जोखिम वाले यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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